Hadees Sharif मस्जिद और नमाज़ की जगहों का हुक्म

सही मुस्लिम Hadees sharif In Hindi इस लेख में हम ने मस्जिद और नमाज की जगहों के अहकाम से जुड़ी सही मुस्लिम के हदीस लाए हैं मुझे उम्मीद है , इस Hadees se जरूर आप कुछ सीखेंगे ये Hadees shareef In Hindi में है।

Hadees, hadis sharif
Hadees, hadis sharif

सही मुस्लिम Hadees In Hindi No #1161

Int No #520

حَدَّثَنِي أَبُو كَامِلٍ الْجَحْدَرِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ، حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ، ح قَالَ: وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَأَبُو كُرَيْبٍ، قَالَا: حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، عَنِ الْأَعْمَشِ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ التَّيْمِيِّ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي ذَرٍّ، قَالَ: قُلْتُ يَا رَسُولَ اللهِ: أَيُّ مَسْجِدٍ وُضِعَ فِي الْأَرْضِ أَوَّلُ؟ قَالَ: «الْمَسْجِدُ الْحَرَامُ» قُلْتُ: ثُمَّ أَيٌّ؟ قَالَ: «الْمَسْجِدُ الْأَقْصَى» قُلْتُ: كَمْ بَيْنَهُمَا؟ قَالَ: «أَرْبَعُونَ سَنَةً، وَأَيْنَمَا أَدْرَكَتْكَ الصَّلَاةُ فَصَلِّ فَهُوَ مَسْجِدٌ» وَفِي حَدِيثِ أَبِي كَامِلٍ «ثُمَّ حَيْثُمَا أَدْرَكَتْكَ الصَّلَاةُ فَصَلِّهِ، فَإِنَّهُ مَسْجِدٌ.

अबू-कामिल जह्दरी ने कहा : हमें अब्दुल-वाहिद ने आमश से हदीस बयान की, इसी के साथ अबू-बक्र-बिन-अबी शेबा pऔर अबू-कुरैब ने कहा : हमें अबू-मुआविया ने आमश से हदीस सुनाई, उन्होंने हज़रत इब्राहीम तैमी से, उन्होंने अपने वालिद से और उन्होंने हज़रत अबू-ज़र (रज़ि०) से रिवायत की, कहा : मैंने कहा कि ऐ अल्लाह के रसूल! ज़मीन में बनाई गई पहली मस्जिद कौन सी है? आपने फ़रमाया : मस्जिदे-हराम।

मैंने पूछा : फिर कौन सी? फ़रमाया : मस्जिदे-अक़सा। मैंने (फिर) पूछा : दोनों (की बनाया) के बीच में कितना ज़माना था? आपने फ़रमाया : चालीस बरस। और जहाँ भी तुम्हारे लिये नमाज़ का वक़्त हो जाए, नमाज़ पढ़ लो, वही (जगह) मस्जिद है। अबू-कामिल की हदीस में है कि फिर जहाँ भी तुम्हारी नमाज़ का वक़्त हो जाए, उसे पढ़ लो, बेशक वही जगह मस्जिद है।

सही मुस्लिम Hadees In Hindi No #1162

Int No #520

حَدَّثَنِي عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ السَّعْدِيُّ، أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ، حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ يَزِيدَ التَّيْمِيِّ، قَالَ: كُنْتُ أَقْرَأُ عَلَى أَبِي الْقُرْآنَ فِي السُّدَّةِ، فَإِذَا قَرَأْتُ السَّجْدَةَ سَجَدَ، فَقُلْتُ لَهُ: يَا أَبَتِ، أَتَسْجُدُ فِي الطَّرِيقِ؟ قَالَ: إِنِّي سَمِعْتُ أَبَا ذَرٍّ يَقُولُ: سَأَلْتُ رَسُولَ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ أَوَّلِ مَسْجِدٍ وُضِعَ فِي الْأَرْضِ؟ قَالَ «الْمَسْجِدُ الْحَرَامُ» قُلْتُ: ثُمَّ أَيٌّ؟ قَالَ: «الْمَسْجِدُ الْأَقْصَى» قُلْتُ: كَمْ بَيْنَهُمَا؟ قَالَ: «أَرْبَعُونَ عَامًا، ثُمَّ الْأَرْضُ لَكَ مَسْجِدٌ، فَحَيْثُمَا أَدْرَكَتْكَ الصَّلَاةُ فَصَلِّ.

अली-बिन-मुस्हिर ने कहा : हमें आमश ने इब्राहीम-बिन-यज़ीद तैमी से हदीस सुनाई, कहा : मैं मस्जिद के बाहर खुली जगह (सेहन) मैं अपने वालिद को क़ुरआन मजीद सुनाया करता था, जब मैं (आयत) सजदा की तिलावत करता तो वो सजदा कर लेते।

मैंने उनसे पूछा : अब्बा जान! क्या आप रास्ते ही में सजदा कर लेते हैं? उन्होंने जवाब दिया : मैंने अबू-ज़र (रज़ि०) को ये कहते हुए सुना वो बयान कर रहे थे कि मैंने रसूलुल्लाह ﷺ से पूरी ज़मीन पर सबसे पहली बनाई जाने वाली मस्जिद के बारे में पूछा तो आप ﷺ ने फ़रमाया : मस्जिदे-हराम।

मैं ने कहा कि फिर कौन सी? आपने फ़रमाया, मस्जिदे-अक़सा। मैंने पूछा : दोनों के बीच कितना वक़्त था? आपने फ़रमाया : चालीस साल, फिर सारी ज़मीन (ही) तुम्हारे लिये मस्जिद है, जहाँ भी तुम्हारी नमाज़ का वक़्त आ जाए वहीं नमाज़ पढ़ लो।

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सही मुस्लिम Hadees In Hindi No #1163

Int No #521

حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا هُشَيْمٌ، عَنْ سَيَّارٍ، عَنْ يَزِيدَ الْفَقِيرِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللهِ الْأَنْصَارِيِّ، قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «أُعْطِيتُ خَمْسًا لَمْ يُعْطَهُنَّ أَحَدٌ قَبْلِي، كَانَ كُلُّ نَبِيٍّ يُبْعَثُ إِلَى قَوْمِهِ خَاصَّةً، وَبُعِثْتُ إِلَى كُلِّ أَحْمَرَ وَأَسْوَدَ، وَأُحِلَّتْ لِيَ الْغَنَائِمُ، وَلَمْ تُحَلَّ لِأَحَدٍ قَبْلِي، وَجُعِلَتْ لِيَ الْأَرْضُ طَيِّبَةً طَهُورًا وَمَسْجِدًا، فَأَيُّمَا رَجُلٍ أَدْرَكَتْهُ الصَّلَاةُ صَلَّى حَيْثُ كَانَ، وَنُصِرْتُ بِالرُّعْبِ بَيْنَ يَدَيْ مَسِيرَةِ شَهْرٍ، وَأُعْطِيتُ الشَّفَاعَةَ.

यहया-बिन-यहया ने बयान किया कि हमें हुशैम ने सय्यार से ख़बर दी, उन्होंने यज़ीद फ़क़ीर से और उन्होंने हज़रत जाबिर-बिन-अब्दुल्लाह अंसारी (रज़ि०) से रिवायत की, कहा : रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : मुझे पाँच चीज़ें दी गई हैं जो मुझ से पहले किसी को नहीं दी गईं : हर नबी ख़ास अपनी क़ौम ही की तरफ़ भेजा जाता था।

और मुझे हर सुर्ख़ व स्याह की तरफ़ भेजा गया, मेरे लिये माले-ग़नीमत हलाल क़रार दिये गए, मुझसे पहले वो किसी के लिये हलाल नहीं किये गए। मेरे लिये ज़मीन को पाक करने वाली और सजदागाह बनाया गया, इसलिये जिस शख़्स के लिये नमाज़ का वक़्त हो जाए वो जहाँ भी हो, वहीं नमाज़ पढ़ ले, और महीना भर की दूरी से दुश्मनों पर तारी हो जाने वाले रौब से मेरी नुसरत की गई और मुझे शफ़ाअत का हक़ अता किया गया।

सही मुस्लिम Hadees In Hindi No #1164

Int No #521

حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، أَخْبَرَنَا سَيَّارٌ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ الْفَقِيرُ، أَخْبَرَنَا جَابِرُ بْنُ عَبْدِ اللهِ أَنَّ رَسُولُ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ فَذَكَرَ نَحْوَهُ.

अबू-बक्र-बिन-अबी-शेबा ने हुशैम से उसी पिछली सनद से रिवायत की कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : . . . फिर उसी तरह बयान किया।

सही मुस्लिम Hadees In Hindi No #1165

Int No #522

حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ فُضَيْلٍ، عَنْ أَبِي مَالِكٍ الأَشْجَعِيِّ، عَنْ رِبْعِيٍّ، عَنْ حُذَيْفَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ ‏ فُضِّلْنَا عَلَى النَّاسِ بِثَلاَثٍ جُعِلَتْ صُفُوفُنَا كَصُفُوفِ الْمَلاَئِكَةِ وَجُعِلَتْ لَنَا الأَرْضُ كُلُّهَا مَسْجِدًا وَجُعِلَتْ تُرْبَتُهَا لَنَا طَهُورًا إِذَا لَمْ نَجِدِ الْمَاءَ ‏ ‏ ‏.‏ وَذَكَرَ خَصْلَةً أُخْرَى ‏.‏

हुज़ैफ़ा (रज़ि०) से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ‌(सल्ल०) ने फ़रमाया हम लोगों को और लोगों पर फ़ज़ीलत मिली तीन बातों की वजह से।

हमारी सफ़ें फ़रिश्तों की सफ़ों की तरह की गईं और हमारे लिये सारी ज़मीन नमाज़ की जगह है। और ज़मीन की ख़ाक हम को पाक करने वाली है। जब पानी न मिले और एक बात और बयान की।

सही मुस्लिम Hadees In Hindi No #1166

Int No #522

حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلَاءِ، أَخْبَرَنَا ابْنُ أَبِي زَائِدَةَ، عَنْ سَعْدِ بْنِ طَارِقٍ، حَدَّثَنِي رِبْعِيُّ بْنُ حِرَاشٍ، عَنْ حُذَيْفَةَ قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِمِثْلِهِ.

इब्ने-अबी ज़ायदा ने (अबू-मालिक ) सअद-बिन-तारिक़ (अश्जई) से रिवायत की, कहा : मुझे रबई-बिन-हराश ने हज़रत हुज़ैफ़ा (रज़ि०) से हदीस सुनाई, कहा : रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया . . . आगे पिछली हदीस के जैसी है।

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