Hadees Sharif | Hadees In Hindi | अल्लाह की तौहीद उसकी जात और सिफात (11 Best Hadis On Tauheed)

Hadees , Hadees Sharif, Hadees In Hindi इस लेख में हम ने सही बुखारी की कुछ बताये हैं मुझे उम्मीद है आप को इससे से किछ सीखः मिलेगा Hadees

अल्लाह की तौहीद उसकी जात और सिफात : Hadees Sharif :

Hadees Sharif | Hadees In Hindi | अल्लाह की तौहीद उसकी जात और सिफात (11 Best Hadis On Tauheed)

➡️नबी करीम ﷺ ने फरमाया” ऐ मुवाज!क्या तुम्हें मालूम है कि अल्लाह का उसके बंदों पर क्या हक है ?उन्होंने कहा कि अल्लाह और उसके रसूल ही ज्यादा जानते हैं। नबी ﷺने फरमाया कि यह है कि वह सिर्फ उसी की इबादत करें और उसका कोई शरीक ना ठहराएं।

क्या तुम्हें मालूम है कि बंदों का अल्लाह पर क्या हक है? अर्ज़ क्या की अल्लाह और उसके रसूल ही ज्यादा जानते हैं। फरमाया यह है कि वह इन्हें आजब ना दे।(सही बुखारी हदीस 7373)

➡️एक शख्स ने एक दूसरे शख्स कतादह बिन नोअमान को बार-बार قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ पढ़ते सुना। सुबह हुई तो नबी करीम ﷺ की खिदमत में हाजिर होकर उस तरह वाकया बयान किया जैसे वह उसे कम समझते हो।

नबी ﷺने फरमाया उस जात कि कसम जिसके हाथ में मेरी जान है! यह सूरत तिहाई कुरान के बराबर है।
(साही बुखार हदीस 7374)

➡️वह उम्मुल मोमिनीन आयशा रज़ी अल्लाह हू अनुमा की परवरिश में थी। उन्होंने आयशा रज़ी अल्लाह हू अनहुमा से बयान किया कि नबी करीमﷺ ने एक साहब को एक मुहिम पर रवाना किया। वह साहब अपने साथियों को नमाज पढ़ते थे और नमाज में खत्म قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ पर करते थे। जब लोग वापस आए तो उस का जिक्र नबी ﷺसे किया।

नबीﷺ ने फरमाया कि उससे पूछो कि वह यह तर्ज अमल क्यों अख्तियार किए हुए थे। चुनांचा लोगों ने पूछा तो उन्होंने कहा कि वह ऐसा इसलिए करते थे कि यह अल्लाह की सिफत है और मैं उसे पढ़ना अजीज रखता हूं। नबी ﷺने फरमाया कि उन्हें बता दो कि अल्लाह भी इन्हें अजीज रखता है
(साही बुखारी हदीस 7375)

➡️रसूलुल्लाह ﷺने फरमाया जो लोगों पर रहम नहीं खाता अल्लाह भी उस पर रहम नहीं खाता
(साही बुखारी हदीस 7376)

➡️हम रसूलुल्लाह ﷺके पास थे कि आपकी एक शहजादी हजरत जैनब के भेजे हुए एक शख्स आपकी खिदमत में हाजिर हुऐ कि उनके लड़के जानकुनी में मुब तला है और वह हजूर ﷺको बुला रही हैं। नबीﷺ ने उनसे फरमाया कि तुम जाकर इन्हें बता दो कि अल्लाह ही का सब माल है जो चाहे ले ले और जो चाहे दे दे और उसके बारे में हर चीज के लिए एक वक्त मुकर्रर है।

बस उनसे कहो कि सबर करें और उस पर सबर सवाब की नीयत से करें। शहजादी ने दोबारा आपको कसम देकर कहला भेजा कि आप जरूर तशरीफ़ लाएं। चुनांचा नबी ﷺ खड़े हुए और आपके साथ साद बिन मुआज और मुआज़ बिन जबल रजि अल्लाह हो अनहुमा भी खड़े हुए।

फिर आप शहजादी के घर पहुंचे तो बच्चा आपको दे दिया गया और उसकी सांस उखड़ रही थी। जैसे पुरानी मास्क का हाल होता है। यह देखकर नबी ﷺकी आंखों में आंसू भर आए। उस पर साद रज़ी अल्लाह होआनहो ने कहा:

या! रसूलुल्लाहﷺ यह क्या है हजरत ने फरमाया कि यह रहमत है जो अल्लाह ताला ने अपने बंदों के दिलों में रखी है। और अल्लाह भी अपने इन्हीं बंदों पर रहम करता है जो रहम दिल होते हैं।
(साही बुखारी हदीस 7377)

➡️ नबी करीम ﷺ ने फरमाया तकलीफ दह बात सुनकर अल्लाह से ज्यादा सबर करने वाला कोई नहीं है। कमबख्त मुशरिक कहते हैं। कि अल्लाह औलाद रखता है। और फिर भी वह इन्हें माफ करता है और इन्हें रोजी देता है।
(साही बुखारी हदीस7378)

➡️ नबी करीम ﷺ ने फरमाया गैब की पांच कुंजियां हैं। जीनिहे अल्लाह के सिवा और कोई नहीं जानता। अल्लाह के सिवा और कोई नहीं जानता की राहमें मादिर में क्या है। अल्लाह के सिवा और कोई नहीं जानता कि कल क्या होगा।

अल्लाह के सिवा और कोई नहीं जानता की बारिश कब आएगी। अल्लाह के सिवा और कोई नहीं जानता कि किस जगह कोन मारेगा। उस अल्लाह के सिवा कोई नहीं जानता कि कयामत कब कायम होगी।
(साही बुखारी हदीस 7379)

➡️ अगर तुमसे कोई यह कहता है कि मोहम्मद ﷺ ने अपने रब को देखा है। तो वह गलत कहता है क्योंकि अल्लाह ताला अपने बारे में खुद कहता है की नजरे उसको देख नहीं सकती।

और जो कोई कहता है कि नबी ﷺ गैब जानते थे तो गलत कहता है। क्योंकि अल्लाह ताला खुद कहता है कि गैब का इल्म अल्लाह के सिवा और किसी को नहीं।
(साही बुखारी हदीस 7380)

➡️हम( इब्तेदाई इस्लाम) में रसूलुल्लाह ﷺ के पीछे नमाज पढ़ते थे और कहते थेالسلام علی الله। तो नबीﷺ ने हमसे फरमाया कि अल्लाह ही السلام है। अलबत्ता इस तरह कहा करो التحيات لله والصلوات والطيبات ، السلام عليك أيها النبي ورحمة الله وبركاته ، السلام علینا وعلی عباد الله الصالحين ، أشهد أن لا إله إلا الله وأشهد أن محمد عبده ورسوله – (साही बुखारी हदीस 7381 )

➡️नबी ﷺ ने फरमाया अल्लाह कयामत के दिन जमीन को अपनी मुट्ठी में ले लेगा। और आसमान को अपने दाएं हाथ में लपेट लगा। फिर फरमाएगा मैं बादशाह हूं। और कहे गा कहां है जमीन के बादशाह।
(साही बुखारी हदीस 7382 )

➡️नबी करीम ﷺ कहां करते थे। तेरी इज्जत की पनाह मांगता हूं कि कोई माबूद तेरे सिवा नहीं, तेरी ऐसी जात है जिसे मौत नहीं, ओर जिन वा इंसान फना हो जाएंगे।
(साही बुखारी हदीस 7383)

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