Dua E Qunoot With 3 Language Dua e Qunoot In Hindi Urdu English

आज के इस लेख में हम Dua E Qunoot के बारे में जानेंगे doa qunut को कब पढ़ा जाता है और कैसे पढ़ा जाता है हमने आज के इस लेख में Dua E Qunoot को तीन अलग-अलग भाषा में बताया है dua e qunut in hindi को वित्र की तीसरी रकात में पढ़ा जाता है वित्र की नमाज़ हम ईशा की नमाज के बाद पढ़ते हैं। dua e qunoot in hindi

दुआ क़ुनूत हिंदी में Dua e Qunoot Hindi :

अल्लाहुम्मा इन्ना नस्तइनु क व नस्तग्फिरूक व नुअमिनु बि क व न त वक्कलु अलैक व नुस्नी अलैकल खैर व नशकुरुक वला नक्फुरू क व नख लओ व नतरूकु मंय्यफ्जुरू क अल्लाहुम्म इय्या क नअबुदू व लका नुसल्ली व नस्जुदू व इलैक व नसआ व नहफिदु व नरजु रहमत क व नख्शा अजा इन्न अजा ब क बिल कुफ्फारि मुल्हिक.

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Dua E Qunut दुआ क़ुनूत अर्थ हिंदी में :

Dua E Qunoot Meaing In Hindi या अल्लाह , हम तुझ से मदद चाहते हैं और तूझसे माफी भी मांगते हैं, तुझ पर ईमान भी रखते हैं और तुझ पर भरोसा करते हैं और तेरी बहुत अच्छी तारीफ करते हैं और तेरा शुक्र अदा करते हैं ना शुक्री नहीं करते ।

उस शख्स को अलग करते हैं और छोड़ते हैं जो अल्लाह की नाफरमानी करें । ऐ अल्लाह , हम तेरी ही इबादत करते हैं और तेरे लिए ही नमाज़ पढ़ते और सजदा करते हैं और तेरी तरफ दौड़ते और झपटते हैं और तेरी रहमत के उम्मीदवार हैं और तेरे आजाब़ से डरते हैं, बेशक तेरा आजाब़ काफिरों को पहुंचने वाला है । dua e qunoot hindi

Dua E Qunoot In English :

Allah humma inna nasta-eenuka wa nastaghfiruka wa nu’minu bika wa natawakkalu alaika wa nusni alaikal khair, Wa nashkuruka wala nakfuruka wa nakhla-oo wa natruku mai yafjuruka, Allah humma iyyaka na’budu wa laka nusalli wa nasjud wa ilaika nas aaa wa nahfizu wa narju rahmataka wa nakhshaa azaabaka inna azaabaka bil kuffari mulhiq. dua e qunoot in english

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Dua E Qunoot Meaning In English :

Ya Allah, we seek help from You and ask for forgiveness from You, believe in You and trust You and praise You very well and thank You and do not thank You.
They separate and leave that person who disobeys Allah. O Allah, You alone we worship and You alone we offer prayer and we prostrate and we run and pounce towards You and we are hopeful of Your mercy and we fear Your punishment, surely Your punishment is about to reach the disbelievers. dua e qunoot in english

Dua E Qunoot In Arabic :

للَّهُمَّ إنا نَسْتَعِينُكَ وَنَسْتَغْفِرُكَ وَنُؤْمِنُ بِكَ وَنَتَوَكَّلُ عَلَيْكَ وَنُثْنِئْ عَلَيْكَ الخَيْرَ وَنَشْكُرُكَ وَلَا نَكْفُرُكَ وَنَخْلَعُ وَنَتْرُكُ مَنْ ئَّفْجُرُكَ اَللَّهُمَّ إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَلَكَ نُصَلِّئ وَنَسْجُدُ وَإِلَيْكَ نَسْعأئ وَنَحْفِدُ وَنَرْجُو رَحْمَتَكَ وَنَخْشآئ عَذَابَكَ إِنَّ عَذَابَكَ بِالكُفَّارِ مُلْحَقٌ

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Doa Qunut Meaning in Urdu :

الہی ! ہم تجھ سے مدد چاہتے ہیں اور تجھ سے معافی مانگتے ہیں اور تجھ پر ایمان رکھتے ہیں اور تجھ پر بھروسہ کرتے ہیں اور تیری بہت اچھی تعریف کرتے ہیں اور تیرا شکر کرتے ہیں اور تیری نا شکری نہیں کرتے اور الگ کرتے ہیں اور چھوڑتے ہیں اس شخص کو جو تیری نافرمانی کرے۔ الہی ! ہم تیری ہی عبادت کرتے ہیں اور تیرے ہی لئے نماز پڑھتے ہیں اور سجدہ کرتے ہیں اور تیری ہی طرف دوڑتے اور جھیلتے ہیں اور تیری رحمت کے امیدوار ہیں اور تیرے عذاب سے ڈرتے ہیں، بیشک تیر ا عذاب کافروں کو پہنچنے والا ہے ۔

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Hadees Shareef 6 दुआ क़ुनूत से जुडी सहीह बुखारी हदीस :

मुझे उम्मीद है यहां दिए गए कुछ हदीस से Dua E Qunut से मुतालिक आप को मदद मिल सकती है।
लो मैं तुम्हें नबी करीम (सल्ल०) की नमाज़ के क़रीब-क़रीब कर दूँगा। चुनांचे अबू-हुरैरा (रज़ि०) ज़ोहर इशा और सुबह की आख़िरी रकअतें मैं क़ुनूत पढ़ा करते थे। ( سمع الله لمن حمده‏ ) के बाद। यानी मोमिनों के हक़ मैं दुआ करते और काफ़िरों पर लानत भेजते। Hadees No 797
आप ने फ़रमाया कि दुआए-क़ुनूत फ़ज्र और मग़रिब की नमाज़ों मैं पढ़ी जाती है। Hadees No 798
मैंने अनस-बिन-मालिक (रज़ि०) से क़ुनूत के बारे में पूछा तो आप ने फ़रमाया कि दुआए क़ुनूत (नबी करीम (सल्ल०) के दौर में) पढ़ी जाती थी। मैंने पूछा कि रुकूअ से पहले या उसके बाद? आप ने फ़रमाया कि रुकूअ से पहले।
आसिम ने कहा कि आप ही के हवाले से फ़ुलाँ शख़्स ने ख़बर दी है कि आप ने रुकूअ के बाद फ़रमाया था। उसका जवाब अनस ने ये दिया कि उन्होंने ग़लत समझा। रसूलुल्लाह (सल्ल०) ने रुकूअ के बाद सिर्फ़ एक महीना दुआए क़ुनूत पढ़ी थी।
हुआ ये था कि आप (सल्ल०) ने सहाबा में से सत्तर पढ़नेवालों के क़रीब मुशरिकों की एक क़ौम (बनी-आमिर) की तरफ़ से उन को तालीम देने के लिये भेजे थे ये लोग उन के सिवा थे जिन पर आप ने बद्दुआ की थी। उन मैं और नबी करीम (सल्ल०) के बीच अहद था लेकिन उन्होंने अहद तोड़ दिया (और पढ़नेवालों को मार डाला) तो नबी करीम (सल्ल०) एक महीने तक (रुकूअ के बाद) क़ुनूत पढ़ते रहे उन पर बद्दुआ करते रहे। Hadees No 1002
नबी करीम (सल्ल०) ने एक महीने तक दुआए-क़ुनूत पढ़ी और उसमें क़बीले रिअल और ज़कवान पर बद्दुआ की थी। Hadees No 1003
रसूलुल्लाह (सल्ल०) (सुबह की) दुआए-क़ुनूत मैं (दूसरी रकअत के रुकूअ के बाद) ये दुआ पढ़ते थे।

اللَّهُمَّ أَنْجِ سَلَمَةَ بْنَ هِشَامٍ ، اللَّهُمَّ أَنْجِ الْوَلِيدَ بْنَ الْوَلِيدِ ، اللَّهُمَّ أَنْجِ عَيَّاشَ بْنَ أَبِي رَبِيعَةَ ، اللَّهُمَّ أَنْجِ الْمُسْتَضْعَفِينَ مِنَ الْمُؤْمِنِينَ ، اللَّهُمَّ اشْدُدْ وَطْأَتَكَ عَلَى مُضَرَ ، اللَّهُمَّ سِنِينَ كَسِنِي يُوسُفَ .

ऐ अल्लाह सलमा-बिन-हिशाम को नजात दे वलीद-बिन-वलीद को नजात दे, ऐ अल्लाह! अयाश-बिन-अबी-रबीआ को नजात दे, ऐ अल्लाह! तमाम कमज़ोर मुसलमानों को नजात दे। (जो मक्का में मुशरेकीन की सख़्तियाँ झेल रहे हैं) ऐ अल्लाह! मुज़र पर अपना सख़्त अज़ाब नाज़िल कर। ऐ अल्लाह ऐसा क़हत (सूखा) नाज़िल कर जैसा यूसुफ़ (अलैहि०) के ज़माने में पड़ा था। Hadees No 2932
नबी करीम (सल्ल०) की ख़िदमत में रिअल ज़कवान असीया और बनू लह्यान क़बीलों के कुछ लोग आए और यक़ीन दिलाया कि वो लोग इस्लाम ला चुके हैं और उन्होंने अपनी काफ़िर क़ौम के मुक़ाबिल इमदाद और तालीम और तब्लीग़ के लिये आप से मदद चाही। तो नबी करीम (सल्ल०) ने सत्तर अंसारियों को उन के साथ कर दिया।
अनस (रज़ि०) ने बयान किया कि हम उन्हें पढ़नेवाले कहा करते थे। वो लोग दिन में जंगल से लकड़ियाँ जमा करते और रात में नमाज़ पढ़ते रहते। ये हज़रात उन क़बीला वालों के साथ चले गए लेकिन जब मऊना कुँवे पर पहुँचे, तो उन्हें क़बीला वालों ने उन सहाबा के साथ दग़ा की और उन्हें शहीद कर डाला।
नबी करीम (सल्ल०) ने एक महीने तक (नमाज़ में) क़ुनूत पढ़ी और रिअल और ज़कवान और बनू लह्यान के लिये बद्दुआ करते रहे। क़तादा ने कहा कि हम से अनस (रज़ि०) ने कहा कि (उन शहीदों के बारे में) क़ुरआन मजीद में हम ये आयत इस तरह पढ़ते रहे “हाँ! हमारी क़ौम (मुस्लिम) को बता दो कि हम अपने रब से जा मिले। और वो हम से राज़ी हो गया है और हमें भी उसने ख़ुश किया है। फिर ये आयत मंसूख़ हो गई थी।” Hadees No 3064
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